28 जनवरी 2025 · 24-घंटे AI ब्रीफिंग: NVIDIA का Intel के साथ “नॉन-कोर” Feynman सहयोग, DeepSeek-OCR 2 का डॉक्यूमेंट ऑटोमेशन पुश, 1T Qwen3-Max-Thinking, और Google Cloud की कीमत बढ़ोतरी

आज की चारों खबरें एक ही दिशा दिखाती हैं: AI रेस अब “किसका मॉडल बड़ा है” से हटकर “कौन इसे भरोसेमंद तरीके से डिलीवर कर सकता है” पर जा रही है—सप्लाई चेन, यूनिट कॉस्ट, एंटरप्राइज़ विश्वसनीयता, और क्लाउड का वैल्यू-बेस्ड प्राइसिंग।

1. NVIDIA के 2028 Feynman प्लेटफ़ॉर्म में Intel के साथ सीमित, लो-टियर, नॉन-कोर सहयोग की संभावना

टिप्पणी:
Feynman का कोर GPU Die अभी भी TSMC पर रहेगा, जबकि I/O Die का एक हिस्सा Intel 18A या 14A पर जा सकता है। यह NVIDIA की “सप्लाई चेन लचीलापन + बातचीत की ताकत” वाली चाल जैसी है—मुख्य प्रतिस्पर्धात्मक हिस्सा अपने नियंत्रण में रखते हुए।
Intel के लिए, छोटा और नॉन-कोर वॉल्यूम भी महत्वपूर्ण है: यह टॉप-टियर ग्राहक द्वारा चुने जाने का एक सत्यापन बन सकता है। लेकिन इसे बड़े ऑर्डर में बदलने के लिए Intel को yield, डिलीवरी स्थिरता, लागत और इकोसिस्टम/आईपी तैयारियों पर लगातार भरोसा दिलाना होगा।

2. DeepSeek ने DeepSeek-OCR 2 जारी किया: विज़ुअल एन्कोडर में बड़ा अपग्रेड

टिप्पणी:
DeepSeek-OCR 2 का फोकस सिर्फ पहचान नहीं, बल्कि DeepEncoder V2 और “Visual Causal Flow” मैकेनिज़्म के जरिए डॉक्यूमेंट को अधिक अर्थ-आधारित तरीके से पढ़ना है—जैसे मॉडल “पिक्सेल स्कैनर” से “सेमांटिक रीडर” की ओर बढ़ रहा हो।
अगर यह स्ट्रक्चर्ड आउटपुट और रेफरेंस/लोकेशन ग्राउंडिंग को मज़बूती से कर पाता है, तो मैनुअल वेरिफिकेशन कॉस्ट घटेगी और RPA/Agent वर्कफ़्लो की उपयोगिता सीधे बढ़ेगी। “ब्रेकथ्रू” की असली परीक्षा तीन जगह होगी: जटिल डॉक्यूमेंट, खराब इनपुट, और स्ट्रक्चर्ड आउटपुट की लगातार विश्वसनीयता।

3. Alibaba का Qwen3-Max-Thinking: 1T पैरामीटर, Thinking Mode के साथ

टिप्पणी:
Qwen3-Max-Thinking के बारे में कहा गया है कि यह 1T पैरामीटर और 36T टोकन प्रीट्रेनिंग के साथ आता है, और Thinking Mode में मल्टी-स्टेप रीजनिंग व सेल्फ-चेक के बाद अंतिम उत्तर देता है।
पर असली सवाल ऑपरेशन में है: एक्टिवेशन कॉस्ट कितनी दबेगी, रीजनिंग कितनी स्थिर रहेगी, और क्या यह Alibaba इकोसिस्टम व एंटरप्राइज़ केसों में दोहराने योग्य वैल्यू-लूप बना पाएगा। बड़े मॉडल की दौड़ में अंतिम फैसला अक्सर वास्तविक वर्कलोड और यूनिट इकॉनॉमिक्स करते हैं।

4. Google Cloud की कीमत बढ़ोतरी: AWS के बाद, क्लाउड प्राइसिंग “लेयर्ड” हो रही है

टिप्पणी:
Google Cloud 1 मई 2026 से ग्लोबल डेटा ट्रांसफर प्राइस बढ़ाएगा: नॉर्थ अमेरिका में दर दोगुनी (US$0.04/GiB से US$0.08/GiB), यूरोप और एशिया में बढ़ोतरी क्रमशः लगभग 60% और 42%।
ट्रेनिंग/इन्फरेंस से क्रॉस-रीजन ट्रैफिक बढ़ रहा है, HBM महंगा हो रहा है, हाई-एंड GPU टाइट हैं, और पावर/लिक्विड-कूलिंग कैपेक्स बढ़ रहा है—ऐसे में पुराने “प्राइस वॉर” मॉडल को बनाए रखना मुश्किल है। यह केवल कॉस्ट पास-थ्रू नहीं, बल्कि AI युग में क्लाउड बिज़नेस लॉजिक का रीस्ट्रक्चरिंग संकेत है: AI-संबंधित संसाधन वैल्यू प्राइसिंग और सप्लाई मैनेजमेंट में जाएंगे, जबकि जनरल क्लाउड में प्रतिस्पर्धा अधिक कॉन्ट्रैक्ट-आधारित तरीके से चल सकती है। क्या अगली बारी Azure की होगी?

समापन:
इन चार घटनाओं को जोड़कर देखें तो AI की प्रतिस्पर्धा का केंद्र “डिलीवरी” बनता जा रहा है। अगले दौर में फायदा उसे मिलेगा जो मॉडल और कंप्यूट को स्थिर, स्केलेबल, और टिकाऊ सप्लाई में बदल सके।

आगे पढ़ें (पिछले 72 घंटों की सबसे महत्वपूर्ण AI घटनाएँ):

लेखक: Aediनिर्माण समय: 2026-01-28 06:59:33
और पढ़ें